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कृृषकों को मिले नवीनतम कृषि तकनीकों व शोध कार्यों का लाभ- डॉ. मेघवाल

बीकानेर। संसदीय सचिव डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि कृृषकों को नवीनतम कृषि तकनीकों व शोध कार्यों का लाभ मिले, इस दिशा में कृषि वैज्ञानिक सजगता से कार्य करें। डॉ. मेघवाल बुधवार को स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित कृषि स्नातक छात्रावास भवन के उद््घाटन तथा परीक्षा भवन के शिलान्यास अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। संसदीय सचिव ने कहा कि क्षेत्र के किसान अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में कृषि कार्य कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों का दायित्व है कि वे किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करें, साथ ही कम पानी में ज्यादा उपज कैसे हो, इस पर और अधिक शोध कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड से काफी लाभ मिला है।

केन्द्र सरकार ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफा कर किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। राज्य सरकार की फसली ऋण माफी योजना से जिले के 50 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी आर छीपा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषि स्नातक छात्रावास के लिए 5 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, इनमें से 2 करोड़ रूपए व्यय कर नवनिर्मित छात्रावास में 35 कमरे व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इसके साथ ही भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा 1 करोड़ रूपए की प्रारंभिक राशि से परिसर में परीक्षा भवन का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में ईमानदारी, देशभक्ति, कत्र्तव्यनिष्ठा आदि सद््गुण हों व वे कृषक हित में कार्य करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारी व कर्मचारी पूर्ण निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में निगम महापौर नारायण चोपड़ा ने कहा कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प लिया है, इस महती कार्य में सभी को योगदान देना होगा।

न्यास अध्यक्ष महावीर रांका ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा गत वर्षों में अनेक उल्लेखनीय कार्य व नवाचार करवाए गए हैं। न्यास द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में आवश्यकतानुसार विकास कार्य करवाए जाएंगे। स्वागत भाषण देते हुए अधिष्ठाता डॉ. आई पी सिंह ने बताया कि परीक्षा भवन में 600 विद्यार्थी बैठ सकेंगे, इसे आवश्यकतानुसार ऑडिटोरियम के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। डॉ. एस एल गोदारा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के निदेशक प्रो. पी एल सरोज, डॉ. विमला मेघवाल, डॉ. पी एल नेहरा, डॉ. एस के शर्मा सहित कृषि व वेटरनरी विश्वविद्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। इससे पूर्व अतिथियों ने मंत्रोच्चार के बीच छात्रावास भवन का लोकार्पण व परीक्षा भवन का शिलान्यास किया। छात्राओं ने सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की। अतिथियों का शॉल, साफा, स्मृति चिन्ह देकर अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम का संचालन बृजेन्द्र त्रिपाठी ने किया।