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बाफना स्कूल में ख्याली ने यूथ मोटिवेशन के दिये टिप्स

बीकानेर। बाफना स्कूल के सी.ई.ओ. डॉ. पी. एस. वोहरा ने बताया कि आज दिनांक 9 फरवरी को प्रात: 10.30 पर शाला सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें प्रसिद्ध टी.वी. एवं फिल्म कलाकार कॉमेडियन ख्याली सहारन शाला के विद्यार्थियों से रूबरू हुवे। उन्होंने यूथ मोटिवेशन विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में ख्याली सहारण ने विद्यार्थियों से कहा कि किताबी ज्ञान से महत्वपूर्ण क्रियात्मक ज्ञान है। शिक्षा के अलावा हमें व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त करना चाहिए। आपकी बात-चीत करने का तरीका एवं रहन-सहन आपके व्यवहार को लोगों के सामने स्पष्ट रूप से प्रकट करता है। इसलिए हमें इन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हर परिस्थितियों में आनन्द प्राप्त करना चाहिए जिससे आप अपने आप को आगे बढ़ा सकते हैं। हम दुखी जब होते हैं जब हम दूसरों से प्रतिस्र्पद्धा करने लगते हैं।


सोसल मिडिया के सकारात्मक उपयोग पर – उन्होंने सोसल मिडिया के सही उपयोग करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सोसल मिडिया को अच्छे ढंग से मेनेज करना चाहिए। इसके अनेक फायदे हैं, तो नुकसान भी बहुत हैं। इसके सकारात्मक पक्ष को देखना चाहिए और आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयं काम करने के लिए, मितव्ययी बनने के लिए, जिम्मेदार बनने एवं त्याग करना सिखने के लिए जागरूक किया।


शाला विद्यार्थियों के प्रश्नों का जवाब भी दिया – विद्यार्थियों ने उनसे अनेक प्रश्न भी पुछे जिसमें विद्यार्थियों ने सफलता कैसे प्राप्त की जा सकती है, सोसल मिडिया का कैसे उपयोग करें, तनाव कैसे कम किया जा सकता है, भ्रष्टाचार से देश कैसे मुक्त हो, पर्सनल्टी कैसे बनाऐं, भारत की मुख्य समस्या क्या है आदि पर बहुत ही सार्थक ढंग से उन्होंने विद्यार्थियों को उत्तर दिया। संघर्ष एवं सकारात्मक तरीकों से अपने आप को कैसे स्थापित एवं अभिव्यक्त किया जा सकता है, इस हुनर को भी उन्होंने विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को मानव सेवा से जुड़े रहने के लिए भी प्रेरित किया।

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जीवन में हास्य के महत्व पर -उन्होंने बताया कि संसार में बहुत सी भाषाऐं हैं पर हंसने की भाषा और ढंग संसार में एक ही है। हंसने के अनेक फायदे होते हैं। हंसने से शरीर के आन्तरिक अंग मजबूत बनते हैं तथा हम तनाव रहित रहते हैं। उन्होंने अपने संबोधन के बीच-बीच में अनेक चुटकले भी विद्यार्थियों के सम्मुख प्रस्तुत किए। शाला के सभागार का पूरा वातावरण हंसी की चादर ओढ़े खिल-खिला रहा था। हर तरफ हंसी के फव्वारे चल रहे थे जो विद्यार्थियों को गुद-गुदा रहे थे। इस अवसर पर शाला सी. ई. ओ. डॉ. वोहरा ने ख्याली सहाराण का साफा, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया एवं शाला में पधारने के लिए धन्यवाद भी दिया। डॉ. वोहरा ने बताया कि शाला इस वर्ष अपने रजत जयंती वर्ष को मना रही है जिसके अन्तर्गत पूरे वर्ष शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक, सामाजिक सरोकार एवं यूथ मोटिवेशन के अनेकों कार्यक्रम आयोजित करती रहेंगी।(PB)