नई दिल्ली। देश के पहले विशुद्ध कौशल विश्वविद्यालय भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी- बीएसडीयू को प्रतिष्ठित ”जेम सस्टेनेबल सर्टिफिकेशन अवार्ड” से सम्मानित किया गया है। आरयूजेसीटी के प्रेसीडेंट श्री जयंत जोशी और भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट ब्रिगेडियर (डॉ) सुरजीत सिंह पाब्ला ने जेम लेवल 4 कैंपस के लिए यह सम्मान हासिल किया। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्षवर्धन के मुख्य आतिथ्य में नई दिल्ली के ली मैरेडियन होटल में आयोजित एक समारोह में उन्होंने जेम सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड प्राप्त किया।


एसोचैम ने अपनी मातृभूमि से जुडी इस हरित पहल के तहत ग्रीन एंड ईको-फ्रेंडली मूवमेंट (सीजीईएम) के लिए एक काउंसिल का गठन किया, जो ‘जीईएम सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन रेटिंग’ कार्यक्रम को संचालित करती है।
एसोसिएटेड चौंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) के अनुसार, आज के समय में दुनिया भर में कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के विकास में सस्टेनेबल बिल्डिंग्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। भारत में सस्टेनेबल बिल्डिंग्स का बाजार 2022 तक दोगुना होकर 10 बिलियन वर्ग फुट तक पहुंच जाएगा और जागरूकता स्तर, पर्यावरणीय लाभ और सरकारी सहायता को मिलाकर जिसका मूल्य लगभग 35-50 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर होगा। सस्टेनेबल बिल्डिंग प्रोजेक्ट के मामले में भारत एक प्रमुख देश के तौर पर उभरा है और हरित परियोजनाओं और निर्मित क्षेत्रफल की संख्या के मामले में अमेरिका के बाद हमारा देश दूसरे स्थान पर है।
आरयूजेसीटी के प्रेसीडेंट श्री जयंत जोशी कहते हैं, ”भारत में सस्टेनेबिलिटी मूवमेंट में सहभागी बनने और इसे आगे ले जाने के लिए एसोचैम जेम सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन रेटिंग कार्यक्रम के जरिए इसे प्रमोट कर रहा है। इसी क्रम में भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के कैंपस को जेम लेवल 4 की रेटिंग से सम्मानित किया गया है और इस अवॉर्ड को हासिल करते हुए हमें वाकई बहुत खुशी का अनुभव हो रहा है।”
इस प्रतिष्ठित सम्मान को हासिल करते हुए भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट ब्रिगेडियर (डॉ) सुरजीत सिंह पाब्ला ने कहा, ”जेम लेवल 4 के अनुरूप सबसे हरित और ईको-फ्रेंडली परिसरों में से एक के रूप में पहचाने जाने पर हमें गर्व की अनुभूति हो रही है। मैं एसोचैम को इस शानदार पहल के लिए बधाई देना चाहता हूं, क्योंकि उनकी इस पहल से देश में पर्यावरण अनुकूल संरचनाओं और परिसरों के निर्माण को बढावा मिलेगा।”


इस कार्यक्रम का लक्ष्य निर्माण से लेकर संचालन तक अपने जीवन चक्र में विकास संबंधी कार्यों के माध्यम से सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित करना है। पहल के एक हिस्से के रूप में, एसोचैम आवास, शहरी विकास, निवास, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, होटल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों, स्कूलों और कारखानों की इमारतों और विकास के लिए सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन रेटिंग प्रदान करता है।(PB)