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एनपीपी का भाजपा में विलय, किरोडी सहित तीन विधायक भाजपा में शामिल

राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनावों से पूर्व एक राजनीतिक घटनाक्रम में आज नेशनल पीपुल्स पार्टी का भाजपा में विलय हो गया जिससे प्रदेश में तीसरे फ्रंट की संभावनाओं को विराम लग गया नेशनल पीपुल्स पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष किरोडी मीणा सहित तीन विधायक आज भाजपा में शामिल हो गये। वर्ष 2008 में किरोडी लाल मीणा भाजपा से अलग होकर एनपीपी में शामिल हो गये थे। मीणा आज पुन: भाजपा में शामिल हो गये। भाजपा में शामिल होने के बाद किरोडी मीणा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड और अन्य नेताओं के साथ विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल से मुलाकात कर एनपीपी के भाजपा में विलय होने का एक पत्र सौंपा। पांच बार विधायक रहे मीणा ने इसे घर वापसी बताया। मीणा को राज्यसभा चुनावों के लिये भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया है। विपक्ष कांग्रेस ने इसे स्वार्थी गठबंधन की संज्ञा दी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अन्य नेताओं की मौजूदगी में भाजपा मुख्यालय में डा किरोडी मीणा और दो अन्य विधायको गोलमा देवी और गीता वर्मा भाजपा में शामिल हो गये।

इस राजनीतिक घटनाक्रम से मीणा समाज के बाहुल्य क्षेत्र पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में सत्ताधारी पार्टी को मजबूती मिलेगी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि प्रदेश की एनपीपी पार्टी के दो तिहाई बहुमत के साथ भाजपा में विलय का एक पत्र किरोडी मीणा ने दिया है। 200 सदस्यों वाली विधानसभा में एनपीपी के चार विधायक है, एनपीपी के नवीन पिलानिया ने अपने आप को इस राजनीतिक घटनाक्रम से दूर रखते हुए भाजपा में शामिल नहीं हुए है। भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए किरोडी मीणा ने कहा,” आज मै अपने पुराने घर में बिना शर्त वापसी से बहुत खुश हूं, मेरी पृष्ठभूमि आरएसएस विचारधारा की है। आरएसएस के लिये काम करने के बाद मैं भाजपा में शामिल हुआ और उसके बाद कभी पीछे मुडकर नहीं देखा। आज मैं बिना शर्त फिर से भाजपा में शामिल हो गया हूं।’

जब उनसे पिलानिया के भाजपा में शामिल नहीं होने के बारे में पूछा गया तो किरोडी ने कहा कि यह पिलानिया की निजी इच्छा है। किरोडी ने बताया कि वे प्रदेश का दौरा करेंगे और ऐसे कार्यकर्ताओं और समर्थको को फिर से सक्रिय करेंगे जो अभी निष्क्रिय है और इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को सत्ता में आने से रोकेंगे। कांग्रेस पर प्रहार करते हुए आदिवासी नेता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुरमें 33 लोगों के भूखमरी से मारे गये लोगो के बाद मेरे द्वारा किये गये आंदोलन के लिये मुझे निशाना बनाया था, लेकिन मुख्यमंत्री राजे ने उनके किसी आंदोलन से नाराज नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उन्होंने 380 आंदोलन किये और उनके खिलाफ राजनीति से प्रेरित 103 मामलें दर्ज है। 66 वर्षीय नेता ने कहा कि उन्होंने गलतियां की और वे दस वर्ष पूर्व भाजपा अलग हो गये, लेकिन उन्होंने पार्टी की विचारधारा को कभी नहीं छोडा और फिर से भाजपा में शामिल हो गये, उन्हें अब ऐसा महसूर हो रहा है कि एक सपना सच हो गया है। भाजपा में शामिल होने से पूर्व निर्दलीय विधायक और पूर्व भाजपा नेता हनुमान बेनीवाल से चर्चा की थी। मीणा ने कुछ आंदोलन बेनीवाल के साथ मिलकर किये थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पार्टी विधायकों की बैठक में राज्यसभा चुनाव के लिये उम्मीदवारों की घोषणा की। मीणा के अलावा भाजपा सांसद भूपेन्द्र यादव, पूर्व विधायक मदन लाल सैनी को राज्य सभा चुनावों के लिये भाजपा के उम्मीदवार तय किये गये।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व ने एनपीपी पार्टी को भाजपा में विलय की हरी झंडी दी है। मीणा ने अपनी विचार धारा को नहीं बदला है, यह एक बडी बात है। हम पार्टी का विस्तार चाहते है और इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी। भाजपा के सांसद भूपेन्द्र यादव, और कांग्रेस के दो सांसद अभिषेक मनु सिंघवी और नरेन्द्र बुढानिया का राज्यसभा का कार्यकला 3 अप्रैल 2018 को पूरा हो रहा है। राज्यसभा के चुनावों के लिये कल नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि है। नामांकनों की जांच 13 मार्च को होगी जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 15 मार्च है। 23 मार्च को सुबह 9 बजे से 4 बजे तक मतदान होगा और मतो की गणना उसी दिन 5 बजे की जायेगी।