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मतदान के लिए निकली ‘वोट बारात’

नाचते-झूमते ग्रामीणों ने दिया ‘शत-प्रतिशत’ मतदान का संदेश

बीकानेर। सरगम सप्ताह के तीसरे दिन ग्रामीण क्षेत्रों में ‘वोट बारात’ निकली। सजे-धजे ऊंट-घोड़ों, बैंड की सुमधुर स्वरलहरियों के बीच थिरकते ग्रामीणों और ‘गाएंगे-बजाएंगे, वोट डालने जाएंगे’ का संदेश देते दूल्हे-दुल्हन के साथ उनके परिजनों ने 7 दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनावों में मताधिकार के उपयोग का आह्वान किया।
‘वोट बारात’ का जिला स्तरीय कार्यक्रम राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, नालबड़ी में हुआ। जहां उत्सव सा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी एवं ग्रामीण एकत्रित हुए। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। ग्रामीणों द्वारा प्रत्येक बाराती का माला पहनाकर स्वागत किया गया। सरगम के तीसरे सुर ‘गाÓ पर आधारित कार्यक्रम का कलर कोड ‘ब्ल्यू’ रखा गया। स्कूल से रवाना होकर बारात ग्राम पंचायत पहुंची। जहां ग्राम पंचायत के कार्मिकों द्वारा इसका भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा स्वीप प्रभारी अजीत सिंह थे। उन्होंने कहा कि ‘लोकतंत्र के उत्सवÓ से पहले ‘वोट बारातÓ से गांव-गांव में उत्सव का माहौल बना है। यह उत्साह और उमंग 7 दिसम्बर तक बनी रहे तथा प्रत्येक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग अनिवार्य रूप से करे। उन्होंने कहा कि सरगम सप्ताह के तहत 1 दिसम्बर तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। सहप्रभारी राजेन्द्र जोशी ने कहा कि मतदान प्रतिशत वृद्धि के मामले में नालबड़ी ग्राम पंचायत पहले नंबर पर रहे, ऐसे प्रयास हों।


अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) सुनील बोड़ा ने आगंतुकों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन स्वीप सदस्य गोपाल जोशी ने किया। इस अवसर पर सीडीपीओ शक्तिसिंह कच्छावा, स्कूल प्राचार्य सुखचैन सिंह, ग्राम सेवक श्रीराम सहित स्कूल स्टाफ मौजूद रहा। ठाकुरदास स्वामी, सुरेन्द्र पारीक और प्रतापदास ने कठपुतली के माध्यम से ‘शत-प्रतिशत मतदान का संदेश दिया। इस दौरान 85 वर्षीया शीला देवी ने भी हाथ में तख्ती लेकर मताधिकार के उपयोग का आह्वान किया।
‘रंगोली’ बना देंगे संदेश सरगम सप्ताह के चैथे दिन बुधवार को ‘रंगोली’ के माध्यम से शत-प्रतिशत मतदान का संदेश दिया जाएगा। जिला मुख्यालय पर दस स्थानों पर रंगोली सजेगी। मुख्य कार्यक्रम कलक्ट्रेट में प्रात: 10:30 बजे होगा। स्वीप प्रभारी अजीत सिंह ने बताया कि सरगम के चैथे सुर ‘मा’ पर आधारित इस कार्यक्रम की कलर थीम ‘ग्रीनÓ रखी गई है। इस दिन ‘म्हारो वोट, म्हारो हक’ का संदेश प्रसारित किया जाएगा। जिला मुख्यालय पर राजकीय बांठिया बाउमावि भीनासर द्वारा जवाहर पुस्तकालय चैराहा, राजकीय बोथरा बाउमावि द्वारा बोथरा चैक, राजकीय करनाणी बामावि द्वारा महावीर चैक, राजकीय बाउमावि गुरुद्वारा द्वारा रानी बाजार चैराहा, राउमावि मुरलीधर व्यास नगर द्वारा मुरलीधर चैराहा, राबाउमावि बारहगुवाड़ द्वारा गोकुल सर्किल, राबाउमावि महर्षि दयानंद मार्ग द्वारा स्कूल के पास, राबाउमावि सूरसागर द्वारा सूरसागर स्कूल तिराहा, गंगा चिल्ड्रन रामावि द्वारा कीर्ति स्तम्भ चैराहा तथा राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय द्वारा कलक्ट्रेट परिसर में रंगोली सजाई जाएगी।


कार्मिकों को बताई वीवीपैट की कार्यप्रणाली स्वीप प्रकोष्ठ द्वारा मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी (माशि) कार्यालय में ईवीएम-वीवीपैट की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी उमाशंकर किराड़ू ने मतदान के महत्त्व के बारे में बताया तथा कहा कि शिक्षा विभाग के समस्त कार्मिक स्वयं मतदान करें तथा दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय, दूसरों के लिए एक मिसाल प्रस्तुत करे। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सुनील बोड़ा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता के दृष्टिकोण से राजस्थान में पहली बार वीवीपैट का उपयोग होगा। प्रत्येक मतदाता इसकी कार्यप्रणाली को भलीभांति समझ ले। एडीपीसी हेतराम, प्रोग्राम ऑफिसर पृथ्वी लेघा सहित समस्त कार्मिक मौजूद रहे। स्वीप सदस्य प्रवीण टाक ने वीवीपैट के बारे में बताया। इस दौरान कॉर्मिकों ने ‘मॉक पोलÓ भी किया।
संस्थाओं का जनसंपर्क जारी मतदाता जागरुकता अभियान से जुड़ी तीन संस्थाओं का जनसंपर्क मंगलवार को भी जारी रहा। अखिल भारतीय श्री महर्षि गौतम शैक्षणिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट, राजेश शर्मा(बच्छ) चेरिटेबल ट्रस्ट तथा गौतम सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा गंगाशहर और देशनोक के घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को मताधिकार के उपयोग की अपील की गई। उल्लेखनीय है कि इन संस्थाओं द्वारा मतदाता जागरुकता अभियान से जुड़ते हुए दस हजार स्टीकर एवं एक हजार बैनर प्रकाशित करवाए गए हैं। संपर्क करने वालों में ओमप्रकाश जोशी, शिवदयाल बच्छ, रामेश्वर पाणेचा, भंवरलाल सांखी, पुखराज उपाध्याय, शिवराज पंचारिया, महादेव उपाध्याय शामिल थे।(PB)